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2 साल के बचà¥à¤šà¥‡ को रोज कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअचà¥à¤›à¥€ डाइट चारà¥à¤Ÿ बेहद जरूरी है। अगर बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° के हिसाब से उसे खाना खिलाà¤à¤‚गे तो उसके विकास में मदद मिलेगी, बचà¥à¤šà¥‡ का शारिरिक विकास के साथ मानसिक विकास होगा। दो साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की डाइट अचà¥à¤›à¥€ होगी तो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में उसके खानपान का तरीका सही रहेगा और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ बढ़ेगी। छोटी मोटी बीमारियों से बचà¥à¤šà¤¾ दूर रहेगा।
गलती से à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ फूड न खिलाà¤à¤‚
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को गलती से à¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ का फूड नहीं खिलाà¤à¤‚। दो साल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क, जंक फूड, केक, चाउमीन, सोडा, आइसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤®, कैंडी इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से दूर रखें। अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• बार यह चींज खिला देंगे तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इनकी लत पड़ जाà¤à¤—ी और बार-बार खाने की जिद करेंगे। इन सà¤à¥€ चीजों में काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में नमक, शà¥à¤—र, कैमिकलà¥à¤¸ और वसा मिले होते हैं, जो शरीर को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं। कई तरह की बीमारियां à¤à¥€ इससे हो सकती है।
डाइट में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार को शामिल करें
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि दो साल की उमà¥à¤° का बचà¥à¤šà¤¾ हर वह चीज खा सकता है, जो आम लोग खाते हैं। इसलिठउसकी डाइट में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार को शामिल करना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। अगर हम अनहेलà¥à¤¦à¥€ खाना बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚गे जो डेली रूटीन में कहीं न कहीं हम सेवन करते हैं तो यह बचà¥à¤šà¥‡ को कमजोर बना देती है। बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट में वसा को शामिल करना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वसा से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ मिलती है। बचà¥à¤šà¥‡ को चॉकलेट, चिपà¥à¤¸ या फासà¥à¤Ÿ फूड नहीं खिलाà¤à¤‚। इसकी जगह खाने में फल दें। कम से पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार वाले खाने दिन में तीन से चार बार खिलाà¤à¤‚। अगर मां अपना दूध नहीं पिला रही हैं तो पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार बहà¥à¤¤ ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है। दूध के बने पदारà¥à¤¥ का सेवन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कराà¤à¤‚। गाय और à¤à¥ˆà¤‚स का दूध पीने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को दें। डाइट में दूध, दही, मटर, हरी सबà¥à¤œà¥€, अंडा, चावल इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल करें।
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खाने की आदत लगाà¤à¤‚
सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी होता है, बचà¥à¤šà¥‡ को किस तरह खिलाà¤à¤‚। अधिकतर बचà¥à¤šà¥‡ खाने से पहले बहà¥à¤¤ रोते हैं। à¤à¥‚ख लगे होने के बाद à¤à¥€ खाना नहीं चाहते हैं और रोते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ करते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वह खाना है जो आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं खिला रहे हैं। खाना अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लगने पर वो à¤à¤¸à¤¾ करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है, जब आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ à¤à¥‹à¤œà¤¨, कैंडी, आइसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤®, जंक फूड की आदत लगा देते हैं। उसके बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरी चीजें खाने में अचà¥à¤›à¥€ नहीं लगती हैं। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ खाने से पहले रोते हैं। इसलिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार की आदत दिलाà¤à¤‚। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इन खानों की आदत होगी तो वह खाने से पहले नहीं रोà¤à¤‚गे।
बचà¥à¤šà¥‡ मना करें तो कैसे खिलाà¤à¤‚
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को कैसे खिलाà¤à¤‚ मां को यह जाना बहà¥à¤¤ जरूरी है। सबसे पहले बचà¥à¤šà¥‡ की डाइट के लिठà¤à¤• कटोरी रख लें। इसी कटोरी में रोजाना समान मातà¥à¤°à¤¾ में आहार दें। बचà¥à¤šà¥‡ खाते समय बहà¥à¤¤ सारा खाना बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ कर देते हैं। बचà¥à¤šà¥‡ को खाना खिलाना सिखाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाते समय हमेशा उसके सामने बैठें। अगर सामने नहीं रहेंगे तो वह कोई à¤à¥€ चीज मà¥à¤‚ह में डाल सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाते समय उससे बातचीत करें। उसे खेल-खेल में खिलाà¤à¤‚। कà¤à¥€-कà¤à¥€ लगातार बचà¥à¤šà¤¾ खाने के लिठमना करते रहता है तो बचà¥à¤šà¥‡ की मासूमियत को देख कर परिजन उसे आहार के बदले चॉकलेट या सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दे देते हैं। à¤à¤¸à¤¾ नहीं करें, अगर बचà¥à¤šà¤¾ खाने के लिठमना कर रहा है तो थोड़ी देर के लिठवहां से खाने की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ हटा लें, कà¥à¤› देर बाद फिर से खाना खिलाà¤à¤‚। तब बचà¥à¤šà¤¾ खा लेगा।
à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का डाइट चारà¥à¤Ÿ
सोमवार की डाइट में इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ को करें शामिल
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ दूध और उसमें मिला कर रोटी खिलाà¤à¤‚
लंच - पनीर की सबà¥à¤œà¥€ और चावल खाने को दें
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸- केला या फल दे सकते हैं
डिनर- सरसों के साग के साथ रोटी परोसें
मंगलवार की डाइट में ये खाना दें
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - अंडा, दलिया, दूध और केला दे सकते हैं
लंच - रायता, हरी सबà¥à¤œà¥€, राजमा, चावल दें
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸- अनानास और अंगूर दें (धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि फलों को रोजाना बदलें)
डिनर- रोटी और मटर की सबà¥à¤œà¥€ परोसें
बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° की डाइट में इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ को करें शामिल
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - चटनी और उपमा परोसें
लंच - लौकी की सबà¥à¤œà¥€, पनीर की सबà¥à¤œà¥€ और पà¥à¤²à¤¾à¤µ दे सकते हैं
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ - मोसंबी का जूस
डिनर - मखà¥à¤–न के साथ सबà¥à¤œà¥€ मिलाकर बनी खिचड़ी या मछली ( मछली खà¥à¤¦ से बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें कांटा होता है)
गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° की डाइट में इसे दें
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - à¤à¤• गिलास छाछ और डोसा
लंच - छोले की सबà¥à¤œà¥€ , जीरा राइस
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ - केला
डिनर - कोई à¤à¥€ हरी सबà¥à¤œà¥€ और रोटी (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पारंपरिक वà¥à¤¯à¤‚जनों को ही दें, न कि फासà¥à¤Ÿ फूड आदि)
शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° की डाइट में ये दे सकते हैं
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - मूंग दाल, à¤à¤¿à¤‚डी की सबà¥à¤œà¥€ और रोटी, à¤à¤• गिलास दूध पीने को दें
लंच - उड़द की दाल, चावल, दही, आलू की à¤à¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ खाने को दें
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸- संतरा, अंगूर जैसे फल
डिनर - सतà¥à¤¤à¥‚ का पराठा और दही
शनिवार की डाइट में ये परोसें
>बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - गाजर, बीनà¥à¤¸, उपमा
लंच - आलू की सबà¥à¤œà¥€ और रोटी
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸- नासपाती या कोई अनà¥à¤¯ फल
डिनर- चावल, मशरूम या मटर की सबà¥à¤œà¥€ परोसें
रविवार के खाने में ये कर सकते हैं सरà¥à¤µ
बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ - à¤à¤• गिलास दूध, घी या मकà¥à¤–न लगा पराठा
लंच - रोटी, बीनà¥à¤¸ की सबà¥à¤œà¥€, चने की सबà¥à¤œà¥€
शाम का सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸-सेब या कोई अनà¥à¤¯ फल
डिनर - शिमला मिरà¥à¤š या सोयाबीन की सबà¥à¤œà¥€ और चावल
आप चाहें तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की ले सकती हैं सलाह
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में दी जानकारी लोगों की जागरूकता के लिठहै। अगर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठडाइट पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करना चाहती हैं या बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिठया कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खिलाना चाहिठयह जानना चाहती हैं तो à¤à¤• बार डायटिशियन से संपरà¥à¤• करें। वहीं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही खाने में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को खिलाà¤à¤‚, à¤à¤¸à¥‡ में कम उमà¥à¤° से ही उनको हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करने की आदत पड़ेगी।
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